
जयपुर
राजस्थान के शहरों की सियासत में आज जनादेश का दिन है और अलग-अलग इलाकों से लगातार चौंकाने वाले नतीजे सामने आ रहे हैं. जोधपुर में कांग्रेस ने दम दिखाते हुए अब तक तीन वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि बीजेपी ने भी एक वार्ड अपने नाम किया है. बीकानेर नगर निगम के घोषित 21 वार्डों में बीजेपी ने 11 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस को 8 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिली हैं. अजमेर नगर निगम के घोषित 27 वार्डों में बीजेपी 13, कांग्रेस 10 और निर्दलीय 4 सीटों पर विजयी रहे हैं. अजमेर के वार्ड 4 में दो बार के पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत की हार भी बड़ा सियासी उलटफेर है, जहां बीजेपी की मोनिका जैन ने जीत दर्ज की. दूसरी ओर, झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने 45 में से 29 वार्ड जीतकर बीजेपी का गढ़ ढहा दिया है. उदयपुर में घोषित 15 वार्डों में बीजेपी ने 10 और कांग्रेस ने 5 सीटें जीती हैं. वहीं नैनवां नगर पालिका के सभी 25 वार्डों में कांग्रेस 11 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि बीजेपी को 8 और निर्दलीयों को 6 सीटें मिलीं.
राज्य के व्यापक रुझानों में भी बीजेपी फिलहाल बढ़त बनाए हुए है. 47 नगर परिषदों में से 28 में बीजेपी आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 12 में बढ़त पर है. 252 नगर पालिकाओं में बीजेपी 120 में आगे है, जबकि कांग्रेस 99 में बढ़त बनाए हुए है और 15 में निर्दलीय आगे चल रहे हैं. वहीं अंता नगर पालिका में 35 घोषित सीटों के नतीजों में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को 16-16 सीटें मिली हैं, जबकि 3 सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे. सिरोही की मंडार नगरपालिका में बीजेपी और निर्दलीयों ने 7-7 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं. बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी ने शुरुआती 11 वार्डों में 9 सीटें जीतकर भी बड़ा उलटफेर किया है. इन नतीजों से साफ है कि राजस्थान के शहरी इलाकों में मुकाबला सिर्फ बीजेपी बनाम कांग्रेस तक सीमित नहीं है, बल्कि कई जगह निर्दलीय और छोटे दल भी समीकरण बदल रहे हैं.
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में कराए गए थे. पहले चरण में 9 सितंबर को 162 शहरी निकायों में मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में 11 सितंबर को 147 निकायों में वोट डाले गए. पहले चरण में 76.41 फीसदी और दूसरे चरण में 71.69 फीसदी मतदान हुआ. दोनों चरणों को मिलाकर कुल 74.05 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था. अब इसी वोटिंग का फैसला सामने आ रहा है. इन नतीजों को 2028 विधानसभा चुनाव से पहले अहम सियासी संकेत माना जा रहा है. जहां जोधपुर जैसे शहरों में कांग्रेस का प्रदर्शन उसके लिए राहत लेकर आया है, वहीं अजमेर, बीकानेर और उदयपुर जैसे शहरी केंद्रों में बीजेपी की बढ़त उसके लिए मजबूत संदेश है. अब नजर इस बात पर है कि मतगणना पूरी होने के बाद राजस्थान के शहरों की सियासी तस्वीर किस तरफ जाती है.



